वीरों की धरती बस्तर में जन्म लेना वरदान के समान: वन मंत्री केदार कश्यप

वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश, देश का ऑक्सीजन के रूप में जाना जाता है। यहां प्रकृति ने बहुत ही अधिक वनों के रूप में हमें आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि वनों से आच्छादित बस्तर क्षेत्र में जन्म लेने का अवसर मिला, हम सौभाग्यशाली हैं। वनों की धरती बस्तर में जन्म लेना वास्तव में वरदान के समान है।

बस्तर के सपूत वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि क्षेत्र के वनों को हमारे पूर्वजों ने सांस्कृतिक, प्राकृतिक धरोहर के रूप में संरक्षित किया है। इन वनों से वनोपज, खाने योग्य फल का लाभ इन क्षेत्र में निवास करने वाले लोग ही अनुभव करते हैं इसलिए इनका संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही आगामी पीढ़ी को भी इसके संबंध में जानकारी दी जानी है। वन मंत्री श्री कश्यप बुधवार को आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला। प्रधानमंत्री के आव्हान पर सभी को एक पेड़ का रोपण अपने घरों में जरूर करना चाहिए।

रजत जयंती वर्ष में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वन मंत्री केदार कश्यप विधायक किरण सिंह देव, विधायक चित्रकोट विनायक गोयल, बेवरेज कारपोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव जामवाडा में जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि वन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में लगभग तीन करोड़ 75 लाख पौधे-पेड़ एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत लगाए हैं। जलवायु परिवर्तन औरवनमंत्री केदार कश्यप ने कहा है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश, देश का ऑक्सीजन के रूप में जाना जाता है। यहां प्रकृति ने बहुत ही अधिक वनों के रूप में हमें आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि वनों से आच्छादित बस्तर क्षेत्र में जन्म लेने का अवसर मिला, हम सौभाग्यशाली हैं। वनों की धरती बस्तर में जन्म लेना वास्तव में वरदान के समान है।

बस्तर के सपूत वन मंत्री के विकास की आवश्यकता के बीच हमें अपने आसपास के क्षेत्र में वदार कश्यप ने कहा कि क्षेत्र के वनों कोनों की संख्या बढ़ाने हमारे पूर्वजों ने की जरूरत है। बस्तर जैसे व सांस्कृतिक, प्राकृतिक धरोहर केनों से भरपूर रूप में संरक्षित किया है। इन व क्षेत्र में कुछ वर्षों पहले कूलर, एसीनों से वनोप की जरूरत नहीं पड़तीज, खाने योग्य थी, ऐसे व फलनों को संरक्षित करना भी आवश्यक है। साथ ही मां के का लाभ इन क्षेत्र में निवास करने वाले लोग ही अनुभव करते हैं इसलिए इनका संरक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही आगामी पीढ़ी को भी इसके संबंध में जानकारी दी जानी है। वन नाम पर पेड़ मंत्री श्री कश्य लगाने की पहल करेंप बुधवार और पेड़ को आत्मानंद उत्कृष्ट को संरक्षित भी करें। इस कार्यक्रम में सिंद हिंदी माध्यम शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाूर, कपूर,ला प्रधानमंत्री के आह्वान रुद्राक्ष जैसे पेड़ों का रोपण किया गया, इसका संरक्षण स्कूल के छात्रों द्वारा किया जाना है। उन्होंने कहा कि मंडी, नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, जिला भाजपा अध्यक्ष वेदप्रकाश पांडे, पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष रुपसिंह मंडावी सहित सीसीएफ सीआर दुग्गा, स्टाइलओ मंडावी, वन मंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता, शमा फारुकी सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि ने स्कूल परिसर में एक पेड़ मां के नाम पर वृक्षारोपण किया। साथ ही कार्यक्रम में किसान वृक्ष मित्र योजना के वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के 3786 हितग्राहियों का 92 लाख की राशि का चेक वितरण किया गया।

इस दौरान वन विभाग के अधिकारी व बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

4 thoughts on “वीरों की धरती बस्तर में जन्म लेना वरदान के समान: वन मंत्री केदार कश्यप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *